X Close
X

जंगल में लकड़ी बीनने गए बच्चों पर झपटा तेंदुआ


Moradabad:

बाजपुर। जलौनी लकड़ी बीनने जंगल गए बच्चों का वसामना तेंदुए से हो गया। बच्चों ने किसी तरह पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई और इसकी जानकारी फोन से अपने परिजनों को दी। इससे परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में परिजन व ग्रामीण घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़े। जानकारी मिलने पर वन कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों की मदद से शोरगुल करके तेंदुए को भगाकर बच्चों को सकुशल पेड़ों से नीचे उतारा गया।
सोमवार को बापजुर के बरहैनी बुक्सार क्षेत्र में रहने वाले जनजाति समाज के 12 से 14 वर्ष आयु के पांच बच्चे आकाश पुत्र ओमप्रकाश, मोनू पुत्र रामसिंह, विशाल पुत्र लक्ष्मण सिंह, रोहित पुत्र सुरेश सिंह, विवेक पुत्र विजय सिंह, आनंद सिंह पुत्र अमर सिंह जंगल में जलौनी लकडियां बीनने गए थे। बताया गया कि इसी बीच बन्नाखेड़ा वन रेंज के अंतर्गत प्लाट संख्या-45 में अचानक बच्चों को तेंदुआ दिखाई दिया। बच्चों के अनुसार तेंदुआ जैसे ही उनकी तरफ दौड़ा वह किसी तरह से पेड़ों पर चढ़ गए। इसके बाद मोबाइल से परिजनों को जानकारी दी।
बच्चों के फोन से परिजनों सहित पूरे गांव में हड़कंप मच गया। वन विभाग को जानकारी देने के साथ ही परिजन व अन्य ग्रामीण घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़े। मौके पर पहुंचे वन दारोगा सुरेंद्र सिंह जलाल, वन रक्षक अशर्फीलाल ने ग्रामीणों के सहयोग से शोरगुल करके तेंदुए को वहां से खदेडने में सफलता हासिल की। इसके बाद सभी बच्चों को सकुशल पेड़ों से नीचे उतारकर सुरक्षित घर पहुंचाया गया। इस घटना के कारण मौके पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। वहीं समाजसेवी वीरेंद्र सिंह बिष्ट, गौतम सिंह, तारा सिंह, बबलू सागर, सुधीर कुमार, चंदन सिंह आदि द्वारा बच्चों के साहस की सराहना की।

Hukoomat Reporter